"चप्पल" by Aditya Singh
मंदिर के प्रागंण में चप्पलों का समूह इकट्ठा हुआ। हर तरफ चहल-पहल थी, लेकिन इन चप्पलों की बातों में एक अलग ही रंग था। कोई अपनी कीमत का बखान कर रहा था, तो कोई अपने मालिक के रुतबे पर हंस रहा था। यह चप्पलों का सम्मेलन था, जिसमें हर प्रकार की चप्पल अपनी कहानी और कीमत का गुणगान कर रही थी।
सबसे पहले बिरकेनस्टॉक चप्पल ने बोलना शुरू किया। उसने अपनी चमचमाती सतह और टिकाऊ डिजाइन की ओर इशारा करते हुए कहा, "मैं बिरकेनस्टॉक हूँ। मेरी कीमत 10,000 से शुरू होती है। मुझे पहनने वाले लोग अपनी हैसियत दिखाने के लिए मुझे खरीदते हैं। आराम और टिकाऊपन तो बस एक बहाना है। असली वजह यह है कि लोग मेरी कीमत से अपनी अमीरी का प्रदर्शन करते हैं। सोचिए, एक साधारण चप्पल पर इतना पैसा खर्च करना! कितना हास्यास्पद है।"
यह सुनकर नाइकी चप्पल ने गर्व से कहा, "तुम 10,000 की बात करती हो? मैं नाइकी हूँ। मेरी कीमत 20,000 से भी अधिक है। मुझे वो लोग पहनते हैं, जो खुद को 'स्टाइल आइकन' समझते हैं। मेरी ब्रांडिंग और डिजाइन से लोग इतना प्रभावित होते हैं कि बिना सोचे-समझे मुझे खरीद लेते हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है जैसे लोग मुझे पहनकर फुटपाथ पर चलने के बजाय हवा में उड़ना चाहते हों।"
एडिडास चप्पल ने अपनी बात रखते हुए कहा, "नाइकी, तुम तो केवल स्टाइल की बात करती हो। मैं एडिडास हूँ। मेरे पास स्टाइल के साथ आराम भी है। मेरी कीमत भी तुम्हारे बराबर ही है, लेकिन लोग मेरी cushioning technology पर जान छिड़कते हैं। सच्चाई यह है कि मैं भी एक साधारण चप्पल ही हूँ, लेकिन मेरे नाम की वजह से लोग मुझ पर हजारों रुपए लुटा देते हैं। मुझे देखकर कभी-कभी हंसी आती है कि लोग इतनी सस्ती चीज़ को इतने महंगे दामों में भला क्यों ही खरीदते हैं।"
क्रॉक्स ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा, "तुम सब अपनी-अपनी बातें कर रहे हो, लेकिन असली बात मेरी है। मैं क्रॉक्स हूँ—रंग-बिरंगी, हल्की और फैशनेबल। मेरी कीमत भी 4,000-5,000 के बीच होती है। मुझे पहनने वाले लोग अपनी सादगी का ढोंग करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि मैं सादगी से कोसों दूर हूँ। मेरे लिए लोग हजारों रुपए खर्च करते हैं और फिर कहते हैं कि मैं आरामदायक हूँ। सच तो यह है कि मैं एक प्लास्टिक की चप्पल हूँ, जो सस्ती होनी चाहिए थी।"
कोने में पड़ी पुरानी हवाई चप्पल अब तक चुपचाप सब सुन रही थी। उसने गहरी सांस ली और कहा, "तुम सब अपनी कीमत और स्टाइल पर इतराते हो, लेकिन मैं हवाई चप्पल हूँ। मुझे गरीब आदमी के पैरों का सहारा बनने का गौरव प्राप्त है। मेरी कीमत इतनी कम है कि कोई भी मुझे खरीद सकता है। मैं खेतों में, गलियों में, और हर संघर्ष के रास्ते पर चलती हूँ। लेकिन अब, लोगों की सोच बदल गई है। उन्हें मेरी सादगी और उपयोगिता नहीं चाहिए। उन्हें ब्रांड चाहिए, और मैं उनके लिए पुरानी हो गई हूँ।"
यह सुनकर बाकी चप्पलें हँस पड़ीं। नाइकी ने मजाक में कहा, "तुम पुरानी हो चुकी हो, हवाई। लोग अब तुम्हें मजबूरी में पहनते हैं, शौक से नहीं।"
हवाई चप्पल मुस्कुराई और बोली, "तुम्हारी बात सही हो सकती है। लेकिन याद रखना, समय के साथ सब कुछ बदलता है। जब तुम्हारे नाम और दाम से लोग ऊब जाएँगे, तब मेरी सादगी ही उनका सहारा बनेगी। मैं आज भी ज़मीन से जुड़ी हूँ, और यही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।"
सम्मेलन खत्म हुआ, लेकिन हवाई चप्पल की बातों ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। सादगी और उपयोगिता का यह पाठ शायद उन्हें समझ आने लगा था।
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